Fact check

An image shared by users on social media claiming 32000 years old Narasimha Idol

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Fake news claim: An image shared by users on social media claiming 32000 years old Narasimha, part lion and part man avatar of the Hindu god Vishnu found in Germany

Examples of viral posts in circulation on Social Media like WhatsApp, Facebook, Instagram, Twitter, etc.

मानव इतिहास में बहुत सी खोजे हुई हैं, भारत में 5000 वर्ष पुरानी हरप्पा सभ्यता हो या फिर वह इजिप्ट के पिरामिड़ क्यों ना हो।
​इस खोज से अब इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को जरूर समझना चाहिए कि वास्तव में हिन्दू धर्म कितना प्राचीन है।
इन्ही में से एक दक्षिण जर्मनी में एक बहुत ही दुर्लभ खोज हुई थी, जिसने पुरे विश्व के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था। उन्हें जो मिला था वह किसी “लाइन-मैन” या नरसिंह भगवान की प्रतिमा जैसा प्रतीत हो रहा था। तस्वीर में आप देख सकते हैं।।
उस दुर्लभ खोज ने जो कि एक 32 हजार वर्ष पुरानी मुर्ति थी उसने पुरी दुनिया के वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया था।
यह बात है सन 1930-35 के करीब की जब जर्मनी के इतिहासकार वहां की बहुत पुरानी जगहों की खुदाई कर रहे थे, तब उन्हें वहां पर बहुत सी चीजें मिली थी। पहले तो उन्हें उस जगह पर पक्षियों ,घोडों, कछुए, और कुछ शेरों के अवशेष मिले, बाद में गहन खोज करने पर उन्हें नरसिंह भगवान की एक दुर्लभ प्रतिमा मिली। यह स्वाभिक था कि जिस जगह पर सिवाए जनवरों के अवशेषों के अलावा कुछ नहीं है वहां पर इस तरह की दुर्लभ मुर्ति मिलना बहुत चमत्कारिक था। इस खोज नो उस समय सबको हैरान में डाल दिया था।
इस मुर्ति को 1939 में Stadel-Höhle im Hohlenstein ((Stadel cave in Hohlenstein Mountain) नाम की गुफा में खोजा गया था।
सन 1939 में जर्मनी और पुरे विश्व में दुसरा विश्व युद्ध छिड़ गया जिस कारण इस मुर्ति से पुरी दुनिया का ध्यान हट गया था। फिर बाद में सन 1998 में मुर्ति के सभी टुकड़ो को जोडकर उसे नया रूप दिया जो एक दम भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की तरह लग रही थी।
भगवान विष्णु ने एक हिरण्यकश्यपु राक्षस को मारने के लिए नरसिंह का रूप धारण किया था। नरसिंह रूप का अर्थ होता है – आधा शेर और आधा मनुष्य। वेदो और शास्त्रों में इस घटना का पुरा वर्णन मिलता है।
यह खोज वास्तव में बहुत अद्भुत है, लेकिन इतिहासकरों और खोजकर्ता इस बात को अभी तक समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या है वास्तव में भगवान नरसिंहदेव की प्रतिमा है और यदि है तो वह आज जर्मनी में क्यों मिली है।
​साधारणत: भगवान विष्णु के मंदिर एशिया में है और मुर्ति का युरोप में मिलना सभी को हैरानी में डाल देता है।
धर्मो रक्षति रक्षितः

Google Translate: There are many discovered in human history, if there is a 5000 year old harappā civilization in India or why it is not the pirāmiṛa of Egypt.
Now the historians and scientists must understand how ancient the hindu religion is.
One of these was a very rare discovery in south Germany, which surprised the scientists of the whole world. What they found seemed to be like a "line-man" or the statue of narasimha God. You can see in the picture. .
The rare discovery that was a 32 thousand years old was surprised by the scientists of the whole world.
This is a matter of close to 1930-35 when the German historian was digging out a lot of old places there, they had a lot of things there. At first they found the remains of birds, horses, turtles, and some lions in the place, after finding deep discovery, they found a RARE STATUE OF NARASIMHA GOD. It was a self-thought that there was nothing but the residue of the animals except the residue of the animals. This search no was surprised everyone at that time.
This Statue was discovered in 1939 in the cave of the name of the stadel-höhle im hohlenstein.
In 1939, Germany and world war broke out in the world, due to which the whole world was lost. Then later in 1998, he added all the pieces of statue and gave him a new look which was looking like the narasimha avatar of Lord Vishnu.
Lord Vishnu had taken the form of narasimha to kill a hiraṇyakaśyapu monster. Narasimha form means - half lion and half human. There is a complete description of this incident in the scriptures and the scriptures.
This discovery is really so amazing, but the explorers and explorers don't understand what it is really is the statue of God narasinhadēva and if it is why he got in Germany today.
Mohammedans: the temple of Lord Vishnu is in Asia and it surprises everyone in Europe.
Religion Protection Protection:

जर्मनी में भगवान नरसिंह की ३२००० साल पुरानी मूर्ति ।

एक समय ऐसा भी था जब पूरे यूरोप तक में सनातन जीवनशैली विधमान थी।

यह महत्वपूर्ण है कि हम सनातन के पूर्ण इतिहास को जाने क्योंकि वेद, पूराण जैसी महान सरंचना किसी भी मनुष्य की महज कल्पना मात्र से सम्भव नही। वह श्रष्टि का परम सत्य है


Facts Check Verdict: False

News Verification: The image in circulation is from Sridham Mayapur iskcon mandir, located in West Bengal. The image was first published by harekrsna on 2009.  The context of the publish was “Five Prayers to Lord Narasimha" from Sri Navadvipa Bhava Taranga, 36-40, by HDG Srila Bhaktivinoda Thakur.”

The Sampradaya Sun - Independent Vaisnava News - Feature Stories - May 2009

Five Prayers to Lord Narasimha BY: SUN STAFF Lord Nrsimhadev Abhisheka, Sridham Mayapur [Photo: Vrindavan Lila devi dasi] May 06, CANADA (SUN) - Nrsimha Caturdasi - the Appearance Day of Lord Nrsimhadeva, May 7, 2009. "Five Prayers to Lord Narasimha" from Sri Navadvipa Bhava Taranga, 36-40, by HDG Srila Bhaktivinoda Thakur.

Thus claiming the image to be from Germany is not true.




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